बदल रहा है EVs का भविष्य, अब जल्द आएगी सेल्फ चार्जिंग इलेक्ट्रिक कार!

Self Charging EVs : दुनिया भर की सरकारें जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल) पर निर्भरता को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। इस वजह से, स्थायी ऊर्जा की मांग बढ़ गई है। लेकिन टेक्नोलॉजी के पूर्ण विकास की कमी के कारण स्थायी ऊर्जा को मुख्यधारा में लाना मुश्किल साबित हो रहा है। हालाँकि, स्थायी ऊर्जाओं में से एक इलेक्ट्रिसिटी का ईंधन के रूप में अब गाड़ियों में इस्तेमाल बढ़ गया है।

इलेक्ट्रिक कारें स्थायी ऊर्जा निर्भरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। हालाँकि, इसकी व्यापकता अभी बढ़ी नहीं है। इनकी सबसे बड़ी समस्या चार्जिंग की है। आईएनएस गाड़ियों को इस्तेमाल करना है तो, उन्हें अक्सर चार्ज करना पड़ता है। और चार्जिंग स्टेशंस की कमी की वजह से लोगों को AC चार्जर से ही चार्ज करना पड़ता है, उनके चार्जिंग में घंटों लगते हैं।

इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए, जर्मन कंपनी न्यूट्रिनो एनर्जी क्लीन रिन्यूएबल पावर एक जबरदस्त समाधान के साथ सामने आई है। कंपनी अब क्वांटम टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI ) का उपयोग करके ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए काम कर रही है। यह ऊर्जा गाड़ियों को सेल्फ चार्ज करने में मदद करेगी।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने हाल ही में सुपरकैपेसिटर बनाने के लिए भारतीय कंपनी स्पेल के साथ भागीदारी की है। न्यूट्रिनो ने नई परियोजना के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से हरित ऊर्जा विकास के लिए 2.5 बिलियन यूरो के निवेश की भी घोषणा की है। इसके तहत कंपनी सेल्फ चार्जिंग इलेक्ट्रिक कारों का विकास करेगी। गौरतलब है की, यह कार अगले 3 वर्षों में बाजार पर होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *