Nitin Gadkari New Car : बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ते प्रदूषण से परेशान हैं? तो अब वक्त आ गया है फ्यूचर की ओर बढ़ने का! भारत के केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री Nitin Gadkari भी अब हाइड्रोजन कार को बढ़ावा देने में जुट गए हैं. हाल ही में जब वे Toyota Mirai हाइड्रोजन कार में सफर करते संसद पहुंचे, तो पूरे देश में इस गाड़ी की चर्चा होने लगी. लेकिन सवाल उठता है – क्या सच में हाइड्रोजन कार की रनिंग कॉस्ट पेट्रोल गाड़ियों से सस्ती होगी? आइए, इसका पूरा हिसाब-किताब समझते हैं.
Nitin Gadkari New Car
Nitin Gadkari की हाइड्रोजन कार – Toyota Mirai
केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari की यह हाइड्रोजन कार Toyota Mirai है, जिसे मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी Toyota ने बनाया है. खास बात यह है कि Mirai जापानी भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है – भविष्य. यही वजह है कि गडकरी इसे भारत की फ्यूचर कार बता रहे हैं. उनका कहना है कि आने वाले समय में हाइड्रोजन सबसे किफायती और स्वच्छ ईंधन साबित हो सकता है. लेकिन असली सवाल तो यही है कि यह गाड़ी जेब पर भारी पड़ेगी या हल्की? Nitin Gadkari New Car
रनिंग कॉस्ट में कितनी होगी बचत?
अब बात करते हैं सबसे अहम चीज – रनिंग कॉस्ट. जो लोग हाइड्रोजन कार को लेकर असमंजस में हैं, उनके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यह कार पेट्रोल गाड़ियों की तुलना में कितनी सस्ती साबित हो सकती है. Nitin Gadkari New Car
मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, Toyota Mirai को 1 किलोमीटर चलाने का खर्च मात्र 4 रुपये बैठता है. वहीं, एक पेट्रोल गाड़ी को चलाने में 8-10 रुपये प्रति किलोमीटर खर्च आता है. यानी हाइड्रोजन कार पेट्रोल कारों के मुकाबले लगभग आधी लागत में चल सकती है. Nitin Gadkari New Car
अगर इसे सीधे-सीधे समझें, तो अगर आप हर दिन 50 किलोमीटर गाड़ी चलाते हैं, तो पेट्रोल कार के मुकाबले हाइड्रोजन कार से रोजाना 250 रुपये तक की बचत हो सकती है. महीने में यह बचत करीब 7500 रुपये और साल भर में 90,000 रुपये तक पहुंच सकती है. Nitin Gadkari New Car
क्या हाइड्रोजन कार ज्यादा एफिशिएंट होगी?
सिर्फ रनिंग कॉस्ट ही नहीं, माइलेज और एफिशियंसी के मामले में भी हाइड्रोजन कार पेट्रोल गाड़ियों से बेहतर साबित हो सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाइड्रोजन कार की एफिशियंसी करीब 50% है, जबकि पेट्रोल कारों की एफिशियंसी केवल 20% के आसपास होती है. Nitin Gadkari New Car
इसका मतलब यह हुआ कि हाइड्रोजन कार में इस्तेमाल होने वाला ईंधन कम बर्बाद होगा और यह ज्यादा माइलेज देगी. यही कारण है कि दुनिया भर में हाइड्रोजन कारों को क्लीन और एफिशियंट फ्यूचर मोबिलिटी माना जा रहा है.
क्या भारत में हाइड्रोजन कार का भविष्य उज्ज्वल है?
अब सवाल आता है कि क्या भारत में हाइड्रोजन कार का भविष्य उज्ज्वल है? मौजूदा हालात देखें, तो सरकार तेजी से इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है. Nitin Gadkari खुद कई बार कह चुके हैं कि सरकार हाइड्रोजन फ्यूल को प्रमोट करने के लिए बड़े स्तर पर योजना बना रही है.
हालांकि, फिलहाल भारत में हाइड्रोजन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित है, लेकिन जैसे-जैसे चार्जिंग स्टेशन बढ़ेंगे, वैसे-वैसे इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ेगा. इसके अलावा, सरकार अगर इस पर सब्सिडी और टैक्स बेनिफिट्स देती है, तो आने वाले समय में हाइड्रोजन कार आम आदमी की पहुंच में भी आ सकती है.
तो क्या आपको हाइड्रोजन कार लेनी चाहिए?
अगर आपको हर महीने पेट्रोल पर हजारों रुपये खर्च करने की आदत पड़ चुकी है, तो हाइड्रोजन कार आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है. न सिर्फ इसकी रनिंग कॉस्ट सस्ती है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी बेहद अनुकूल है.
अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में Toyota Mirai और अन्य हाइड्रोजन कारें भारतीय बाजार में कितनी पकड़ बना पाती हैं. लेकिन इतना तय है कि अगर पेट्रोल-डीजल की कीमतें यूं ही बढ़ती रहीं, तो बहुत जल्द हाइड्रोजन कारें भारतीय सड़कों पर आम हो जाएंगी. तो क्या आप भी पेट्रोल छोड़कर हाइड्रोजन की तरफ बढ़ने को तैयार हैं?