India Road Safety Report : अगर आपको लगता है कि भारत की सड़कें दुनिया की सबसे खतरनाक हैं, तो इस रिपोर्ट को पढ़कर आपकी राय बदल सकती है. हाल ही में आई एक ग्लोबल स्टडी में भारत को अमेरिका से ज्यादा सुरक्षित देश बताया गया है. जी हां, जहां अमेरिका ड्राइविंग सुरक्षा के मामले में 51वें स्थान पर है, वहीं भारत 49वें नंबर पर आ गया है. आइए जानते हैं, आखिर यह कैसे हुआ और दुनिया का सबसे खतरनाक देश कौन सा है.
भारत अमेरिका से सुरक्षित, लेकिन कैसे?
Zutobi नाम की एक ड्राइवर ट्रेनिंग कंपनी ने हाल ही में एक ग्लोबल रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अलग-अलग देशों की रोड सेफ्टी का विश्लेषण किया गया. इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने 49वीं रैंक हासिल की, जबकि अमेरिका 51वें स्थान पर खिसक गया. हालांकि, दक्षिण अफ्रीका लगातार दूसरे साल सबसे खतरनाक देश के रूप में सामने आया, जहां ड्राइविंग सबसे ज्यादा जोखिम भरी मानी गई.
सड़क सुरक्षा में भारत की सुधार की कहानी
भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या हमेशा से चिंता का विषय रही है, लेकिन हाल के वर्षों में सरकार ने इस दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं. केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari के नेतृत्व में सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं. इनमें 6-एयरबैग अनिवार्य करना, सख्त ड्राइविंग टेस्ट लागू करना, नए एक्सप्रेसवे बनाना और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने लगाना शामिल है.
इन प्रयासों के चलते भारत की सड़कों पर सुरक्षा मानकों में सुधार देखने को मिला है. एक्सप्रेसवे और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के साथ-साथ सरकार नए सुरक्षा नियम लागू कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आ रही है.
दुनिया में सड़क सुरक्षा के नए ट्रेंड्स
इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है. दुनिया भर में प्रति 1 लाख लोगों पर रोड एक्सीडेंट से होने वाली मौतों की औसत संख्या 8.9 से घटकर 6.3 रह गई है. हालांकि, ज्यादातर देशों में स्पीड लिमिट और ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (BAC) के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन अवेयरनेस कैंपेन और सख्त कानूनों से सुधार देखा गया है.
फिर भी भारत के लिए सफर आसान नहीं
हालांकि भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी सड़क सुरक्षा के मामले में हमें लंबा सफर तय करना बाकी है. ओवरस्पीडिंग, गलत तरीके से लेन बदलना और ट्रैफिक नियमों का पालन न करना अब भी बड़ी समस्या बनी हुई है. अगर इन बुनियादी चीजों पर ध्यान दिया जाए, तो भारत की सड़कों को और भी ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है.
तो अब भारत की सड़कें अमेरिका से बेहतर?
हालांकि इस रिपोर्ट में भारत को अमेरिका से बेहतर स्थान दिया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारी सड़कें पूरी तरह से सुरक्षित हो गई हैं. हकीकत यह है कि अभी भी हर दिन हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और कई लोगों की जान चली जाती है. हां, सरकार के प्रयासों से इसमें कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अगर ड्राइवर खुद सतर्क न रहें, तो किसी भी देश की सड़कें सुरक्षित नहीं हो सकतीं.
तो अगली बार जब कोई कहे कि भारत की सड़कें सबसे खतरनाक हैं, तो उन्हें यह रिपोर्ट जरूर दिखाइए! और हां, अगली बार जब आप सड़क पर गाड़ी चलाएं, तो खुद भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना न भूलें, क्योंकि सड़क सुरक्षा सिर्फ सरकार की नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है.